Tuesday, 26 January 2016

गणतंत्र दिवस

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मंदिर के भगवान भी पूजे हैं मैंने, हर सुबह मैंने ज्योत जलाई है,
पर सजदा करता हूँ आज उसका, राष्ट्र को समर्पित जो तरुणाई है !

मेरी पूजा की थाली तुम्हारे लिए है, आज वतन पर तुम फ़ना हो गए,
मेरी श्रद्धा के अश्रु तुम्हारे लिए हैं, मेरी नज़रों में तुम खुदा हो गए !

उस माँ के दुलारे तुम भी थे, बहना के प्यारे तुम भी थे,
किसी के सुहाग तुम भी थे, बच्चों के ख़्वाब तुम भी थे,

एक माँ को माँ का दान था ये, क्षत्रिय का बलिदान था ये,
जी सकें हम सब भारतवासी, इस वचन का सम्मान था ये,

इन शहादतों का मान रखो, खुद से पहले हिन्दुस्तान रखो,
थोड़ी गैरत रखो उन वीरों की, वतनपरस्ती के इन हीरों की,

नहीं कहता मैं भर्ती हो जाओ फ़ौज में, करो सीमा पर लड़ाई,
जहाँ भी हो जैसे भी हो, कुछ करो जिससे हो देश की भलाई,

कुछ बनाओ हिन्दुस्तान ऐसा, हर दिल में हिंदुस्तान हो,
फिर से बनें हम विश्व गुरु, दुनिया में हमारी पहचान हो,

माटी है ये बलिदान की, इसका न अब अपमान हो,
जागो, पुकार रहा है वतन, जागो अगर इंसान हो ।